
पानी की तलाश में गांव पहुंचा कोटरी, कुत्तों के हमले में घायल वन्यप्राणी की मौत
रायगढ़, 8 मई 2026: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पानी की तलाश में जंगल से भटककर गांव पहुंचे एक कोटरी (हिरण प्रजाति) की कुत्तों के हमले के बाद मौत हो गई। घायल वन्यप्राणी को वन विभाग ने इलाज के बाद जंगल में छोड़ा था, लेकिन शाम को वह मृत अवस्था में मिला।
मामला रायगढ़ वन परिक्षेत्र के चिराईपानी क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार बुधवार को एक कोटरी पानी की तलाश में जंगल से निकलकर बस्ती तक पहुंच गया। इसी दौरान गांव के कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया।
जान बचाने के लिए घर के आंगन में घुसा
कुत्तों के हमले से बचने के लिए कोटरी गांव निवासी मनोज डनसेना के घर के आंगन में घुस गया। हालांकि कुत्तों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने लाठी-डंडों की मदद से कुत्तों को भगाया।
बताया जा रहा है कि हमले में कोटरी के पिछले पैरों में गंभीर चोट आई थी और वह भय के कारण कांप रहा था। इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी।
इलाज के बाद जंगल में छोड़ा गया
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल कोटरी का पशु चिकित्सक से उपचार कराया। प्राथमिक इलाज के बाद वन अमले ने उसे देलारी जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया और उसकी निगरानी शुरू की।
शाम को निरीक्षण के दौरान वनकर्मियों ने कोटरी को एक ही जगह बैठा पाया। पास जाकर जांच करने पर उसकी मौत हो चुकी थी।
पोस्टमार्टम के बाद किया गया अंतिम संस्कार
मृत कोटरी को वन विभाग की टीम इंदिरा विहार लेकर पहुंची। अंधेरा होने के कारण शव को सुरक्षित रखा गया। गुरुवार को पशु चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम किया, जिसके बाद नियमानुसार उसका दाह संस्कार कर दिया गया।
“कोटरी जैसे वन्यप्राणी बेहद संवेदनशील होते हैं”
रायगढ़ रेंजर संजय लकड़ा ने बताया कि कोटरी गांव तक पहुंच गया था और कुत्तों के हमले में घायल हो गया था। इलाज के बाद उसे जंगल में छोड़ा गया था, लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि कोटरी जैसे वन्यप्राणी काफी संवेदनशील होते हैं और तनाव या चोट की स्थिति में अक्सर उनकी जान चली जाती है।


